खुद की मदद कैसे करें (How to help yourself)

खुद की मदद कैसे करें (How to help yourself



कुछ लोग हमेशा बेहतर काम करते है, हमेशा दूसरों कि मदद करते हैं। कभी भी हिम्मत नहीं हारते, किसी काम को शुरू करने पर उसको पूरा करके ही दम लेते हैं, आत्मविश्वास से हमेशा लबरेज रहते है, आखिर क्या कारण है ? जबकि हममें से ज्यादातर लोग इंतजार करते है कि कोई आए और हमारी मदद करें या कोई आकर हमें राह दिखाएं। हमारी दूसरों पर अत्यधिक निर्भरता उचित नहीं है। आखिर क्यों कोई आकर हमें हमारी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में हमारी मदद करेगा। हमारी इस सोच से हम अपने साथ साथ आने वाली पीढ़ियों को भी पंगू बना रहे हैं। क्या हम खुद अपनी मदद नहीं कर सकते, क्या हम इतने अपाहिज हो गए है कि छोटे से काम के लिए भी हमें किसी की सहायता की आवश्यकता पड़ती हैं। हम अपनी शक्तियों को कैसे भूल सकते हैं। इसके मूल कारण की पहचान करनी होगी। 


खुद पर भरोसा रखें


आत्मनिर्भर व्यक्ति हमेशा अपने आप पर भरोसा करते है। हमें खुद पर विश्वास करना होगा, खुद को यकीन दिलाना होगा कि हम किसी से कम नहीं है और हम दृढ़ संकल्प और लगातार कार्य करके वो सब हासिल कर सकते है जो हमें चाहिए। इससे हमारे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और हम किसी भी कार्य को दूसरों कि तुलना में अधिक अच्छे से कर पाएंगे। जब हम खुद पर विश्वास करेंगे तभी दूसरे हम पर विश्वास करेंगे और इस तरह हमारी दूसरों पर निर्भरता भी कम हो जाएगी ।


दूसरों कि गलतियों से सबक ले


इंसान गलतियों का पुतला है लेकिन एक ही गलती को बार बार करना समझदारी नहीं है। खुद की गलतियों से सबक लेना बहुत अच्छी बात है और ये बहुत जरूरी भी हैं। लेकिन सक्सेसफुल व्यक्ति अपनी गलतियों के साथ साथ  दूसरों के द्वारा की गई गलतियों से भी सीखते रहते है। इससे वो भविष्य में होने वाली कई तरह की गलतियों के होने से पहले ही अपने आप को संभल लेते हैं। और अपनी योग्यताओं को ओर ज्यादा बेहतर कर लेते है। ये एक अच्छी आदत है हमें इसे अपने व्यवहार में शामिल करना होगा।


हमेशा बेहतर बनने की कोशिश करें


खुद को बेहतर बनाने के लिए हम सब प्रयास करते रहते है लेकिन बहुत कम अपने आप को बेहतर बना पाते हैं या फिर ऐसे कहे बहुत कम लोग अपनी क्षमताओं में बढ़ोतरी कर पाते हैं। अगर हम महीने में एक बार या फिर कभी कभार ही कोशिश करते है तो हम अपने आप को कभी भी नहीं बदल पाएंगे। हमें निरंतर प्रयास करते रहना होगा, बिना रूके। जिस प्रकार बहता पानी शुद्ध होता है और रूका हुआ दूषित। 


बड़ों का हमेशा सम्मान करें


भागदौड़ भरी जिंदगी में हम व्यर्थ की बातों में इतना व्यस्त हो गए है कि मौलिक और आधारभूत चीजों के लिए हमारे पास समय ही नहीं है। हम संस्कारों को पीछे छोड़ते जा रहे हैं। बड़ों का आदर सत्कार तो जैसे पुराने जमाने की बात हो गई है इन सब के बावजूद हर कोई सम्मान पाना  चाहता है जब बात दूसरों को सम्मान देने की आए तो उसमें संकोच करते हैं। अगर सम्मान पाना है तो दूसरों को सम्मान देना सीखना होगा। कुछेक के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन ये अनिवार्य रूप से आवश्यक हैं। चाहे बड़े हो या छोटे हमें सबका सम्मान करना होगा। इससे हमारे अंदर एक सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा होता हैं। जो हमें ख़ुश रहने में मदद करता है।


ईश्वर में विश्वास रखें



ईश्वर, परमात्मा, प्रकृति या कोई एक शक्ति जो पूरे विश्व को संचालित करती हैं किसी भी नाम से बुला सकते है। यही हम सब का आधार है इसकी सहायता के बगैर हम सफल नहीं हो पाएंगे। प्रकृति से ही हमारा शरीर बना है और आखिर में इसी में मिल जाना है। एक बार भगवान को अपना दोस्त बना कर तो देखिए सुखद अनुभव होगा। अतः प्रकृति के साथ तालमेल बना कर रखना होगा।


सादा जीवन 


सरल और सादगीपूर्ण जीवन  ही महापुरुषों की पहचान होती हैं। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सादगी पूर्ण जीवन व्यतीत करना थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन कोशिश करने से हम ये आदत अपने व्यवहार में शामिल कर सकते हैं। 


आपके comments से हमें प्रेरणा मिलती है। अपने दोस्तों और भाइयों को शेयर जरुर करें और ब्लॉग को Follow भी करें। 

धन्यवाद 🙏


एक टिप्पणी भेजें

3 टिप्पणियाँ

कृपया कमेंट में कोई भी लिंक ना डाले