सरल जीवन (Simple life)

सरल जीवन (Simple life)

 


सरलता ही उत्तम है।

जीवन को सरल और सुखमय बनाने के लिए हमें क्या करना चाहिए।

जीवन को इतना सरल और सादगीपूर्ण बनाना होगा कि जब इस शरीर को छोड़कर जाएं तो लोगों को हमारी कमी महसूस हो ना कि लोग हमारे जाने के बाद राहत महसूस करें। हमारे जाने के बाद लोग अगर राहत महसूस करते है तो इसका मतलब है हमने अपने जीवन को सही तरीके से नहीं जीया। इसलिए कोशिश ये होनी चाहिए कि हम अपने जीवन को बड़ी सरलता और सादगी से जीएं। ये बड़ी ही अजीब बात है कि हमारे पास इन सब बातों को सोचने तक का समय नहीं होता। हम जीवन की चकाचौंध में इतना खो गए है कि हम अपने असली मकसद को ही भूल जाते हैं। अंततः जीवन को सरल और सुखद बनाना ही हमारा आखिरी लक्ष्य है। भागदौड़ भरी जिंदगी में हमने न सिर्फ अपने लिए बल्कि भावी पीढ़ी के लिए भी अनेकों समस्याएं उत्पन्न कर ली है। हमें प्रकृति के साथ सिर्फ सहयोग करने की आवश्यकता है न कि खिलवाड़ करने की। जब जब भी हमने ने प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया है तब तब पूरी मनुष्य जाति को समस्याओं का सामना करना पड़ा है। जब हम व्यक्तिगत सोच से उपर उठकर सामाजिक स्तर पर अपनी सोच को विकसित करेंगे तो इन समस्याओं से निजात पा सकेंगे।


थैंक्स गिविंग

इस जीवन को सरल और सुखद बनाए रखने के लिए हमें समाज और प्रकृति के प्रति कृतज्ञ रहना होगा और प्रत्येक उस व्यक्ति एवं वस्तु के प्रति भी धन्यवाद प्रकट करना होगा जिससे हमें कुछ भी अच्छा सीखने को मिला है। कृतज्ञता श्रेष्ठ गुणों में से एक है। और प्रत्येक व्यक्ति में यह गुण होता है। बिना संस्कारों के इस प्रतियोगिता के दौर में हम ज्यादा लम्बे समय तक नहीं टिक पायेंगे। हमें अपने आप को मैनेज करना होगा, अपने कार्य कलापों को मैनेज करना होगा, समय को बर्बाद करने वाले कामों को तुरंत बंद करना होगा। इसके बाद भी अगर हमारे हालातों में सुधार नहीं हो रहा है तो हमारे अंदर और ज्यादा परिवर्तनों की जरूरत है। हमें अपने आप को मानसिक रूप से मजबूत बनाना होगा। अभी जितना है उससे और बेहतर बनाना होगा।



हैप्पीनेस

ये जरूर नहीं कि बहुत सारी दौलत मिलने से या बहुत सारी सम्पत्ति प्राप्त कर लेने के बाद हम खुश रह पाएंगे। खुशियों का धन, दौलत और शोहरत से कोई लेना-देना नहीं है। क्योंकि प्रकृति का नियम है एक पहेली हल होने के तुरंत बाद दूसरी पहेली हमारे लिए तैयार रहती हैं। धन प्राप्ति के बाद अलग समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। इसका ये मतलब नहीं कि हम धन कमाने की कोशिश ही न करें। इस बात को समझने की जरूरत है कि सुख और दुःख एक ही सिक्के के दो पहलू होते है। हमें दोनों अवस्थाओं में समान व्यवहार करने की आवश्यकता है केवल तभी हम एक सरल और सहज जीवन जी पाएंगे। जीवन में सहजता लाना थोड़ा कठिन जरूर है लेकिन कोशिश करने से मुश्किल से मुश्किल काम भी बड़ी आसानी से हो जाता हैं। 

 

हमें अपने विचारों और भावनाओं को संतुलित रखना होगा 


हमें अपने विचारों और भावनाओं को संतुलित रखना होगा क्योंकि हमारा पूरा जीवन इन विचारों और भावनाओं पर ही टिका होता हैं। हमें अपने विचारों से वैसा ही बनना होगा जो हम बनना चाहते हैं । सरल और सुखद जीवन के लिए हमें विचारों को सुखद और सुंदर करना होगा अगर हम दूसरों कि निंदा, बुराई और शिकायत करते रहेंगे तो जीवन को सुखमय बनाना कठीन होगा । सुबह उठते ही परमात्मा को धन्यवाद दे और अच्छे विचारों से मन को भरिए, थोड़े समय में ही हमें भरपूर उर्जा मिलने लगेगी और सरलता हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जाएगी।

हम अक्सर सफल व्यक्तियों की दौलत और शौहरत से प्रभावित हो जाते है जो हममें केवल धन कमाने की इच्छा विकसित करने में मदद करता है। लेकिन अच्छे व्यवहार और शुद्ध आचरण के बिना धन बिना नमक की रोटी के जैैसाा होता हैं। इसके अतिरिक्त हमें उनके व्यक्तित्व, व्यवहार और आचरण से भी सीख लेने की जरूरत है।

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