ऊर्जा का स्तर (Energy Level)

ऊर्जा का स्तर (Energy Level)




हमारे विचार एक विशेष तरह की ऊर्जा से भरपूर होते है या फिर ऐसा कहें कि विचार दुनिया में सबसे ताकतवर चीजों में से एक होते हैं। इनसे हम अपने लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण कर सकते है, ये हम पर निर्भर करता है कि हम इनका इस्तेमाल कहां करते है सकारात्मक या फिर नकारात्मक दिशा में । यह एक ऐसी पूंजी है जो हमारी काबिलियत को बढ़ाने में सहायक होती हैं। और सफलता को आकर्षित करती है। ये उर्जा ही हमें जीवन्त बनाती हैं। कुछ लोग हमेशा उदासीन और उर्जा विहीन से दिखाई पड़ते हैं, और वे हमेशा रूखा व्यवहार भी करते हैं। इसलिए बहुत कम लोग उनको पसंद करते हैं। उर्जा चाहे शारीरिक हो या मानसिक हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। एक उर्जावान व्यक्ति ही नेतृत्व कर सकता है। उर्जा से भरपूर व्यक्ति को सब पसंद करते हैं। 


इसे भी 👉 पढ़ें  :- 

इच्छाएं सीमित रखना



इच्छाएं हर इंसान की होती है और होनी भी चाहिए। इसके लिए हमें प्रयासरत रहने की भी आवश्यकता है लेकिन चिंता और शंका से रहित होकर। लेकिन जब इच्छाएं बढ़ने लग जाती है तो तनाव का कारण बन जाती हैं। ये होना चाहिए, वो होना चाहिए, मेरे पास ये नहीं है, वो नहीं है। अपने तक तो ठीक है समस्या तब गंभीर हो जाती है जब हम दूसरों के बारे में सोचकर परेशान होते है कि उसके पास बड़ी गाड़ी है, बड़ा घर है, उसके पास बहुत पैसा है इस तरह तो हम अपने मानसिक स्तर को गर्त में धकेलने का काम करते हैं। और अपने उर्जा के स्तर को नीचे ले जाते हैं। और अपनी योग्यताओं एवं क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने में विफल हो जाते हैं। इसके विपरित लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपने विचार रूपी उर्जा का सर्वोत्तम प्रयोग करना लाभकारी होगा।


इसे भी 👉 पढ़ें:- हमारे भाव

ज्ञान से ही भाग्य का उदय होगा

समय हाथ से निकल जा रहा है।

प्रार्थना की शक्ति

 उत्साह

जिम्मेदारी

स्वस्थ सोच

अवसर

 

नकल करने से बचें



जितनी उर्जा, जितनी ताकत हम दूसरों की नकल करने में या कापी करने में लगाते है उतनी अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में लगाएं तो बहुत कम समय में हम वो सब पा सकते है जिसकी हम हमेशा कल्पना करते हैं। वास्तव में किसी की नकल करके हम उस काम का क्रेडिट लेते है जो हमने किया ही नहीं है। नकल करना एक बुरी आदत है। इसकी अपेक्षा मेहनत करने की आदत को विकसित करने की जरूरत है। नकल करना कभी भी फायदेमंद नहीं होता। क्योंकि आसानी से होने वाले सभी कार्य हमेशा सुखद नहीं होते। 


इसे भी 👉 पढ़ें:- खुद की मदद कैसे करें

मुझे सब पता है


क्या सामान्य जीवन जीना संभव है? हां, संभव है। बस हमें कुछ सामान्य सी गलतफहमियों से खुद को बाहर निकालने की आवश्यकता है कि हमें सब कुछ पता है। हमें खुद अपनी जांच करनी होगी कि क्या हम इनके बारे में जागरूक हैं?‌ क्या हमने अच्छे और बुरे व्यवहार का हिसाब रखा ताकि हमें खुद के मजबूत और कमजोर बिंदुओं का पता चलता रहे। कोई और हमारी कमियों को बताएंगा तो हमें बुरा लगेगा लेकिन जब हम खुद से ही पता लगा लेंगे तो अच्छा महसूस होगा।  हमें अपने आप को ऐसी किसी भी गलतफहमी से दूर रखने की आवश्यकता है जो हमें हमारी काबिलियत को पहचानने से रोकती है। शांत रहकर अपनी शक्तियों को पहचान कर अपने कर्तव्य का निर्वहन करना ही एक उर्जावान व्यक्ति की पहचान होती है।


इसे भी 👉 पढ़ें:- खुद पर काम करें

क्षमा मांगना



गलती सभी से होती है लेकिन वो इंसान अपनी शक्ति और उर्जा दोनों को व्यर्थ बर्बाद होने से बचा लेता है जो क्षमा मांगना जानता है। क्षमा मांगने से सामने वाले व्यक्ति का क्रोध कुछ हद तक कम हो जाता है। क्षमा मांगना या क्षमा करना हमारे अहंकार को कम करने वाले महत्वपूर्ण गुणों में से एक है। क्षमा याचना करने से हमारे सम्मान में कोई कमी नहीं आती। इसके विपरित दूसरों को हमारी ये बातें अच्छी लगती हैं।  गलती होने पर क्षमा मांगना तो भद्र पुरुषों की निशानी हैं। क्षमाशील व्यक्ति हमेशा खुश रहते है और लोग उनको बहुत पसंद करते हैं। हमें भी ऐसे गुण को अपने व्यवहार में शामिल करने की आवश्यकता है। इस तरह हम अपने उर्जा स्तर में बढ़ोतरी करके अपने व्यक्तित्व में निखार ला सकते हैं।


इसे भी 👉 पढ़ें:- सही दिशा


जो चाहिए उसका विचार करें



मिलेगा वही जिसका हम निरंतर विचार करेंगे। और ये हमारी सोच पर निर्भर करता है कि हम कैसा सोचते हैं। सफलता और सुख समृद्धि के लिए हमें हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण ही अपनाने की आवश्यकता है। सुंदर जीवन की कल्पना मात्र से हमें सुखद अनुभव होता है। हमें अपने साथ साथ दूसरों के सुख के बारे में भी सोचना होगा केवल तभी हम एक सुंदर और आकर्षक जीवन जी सकेंगे। और अपनी उर्जा में वृद्धि करके इसका इस्तेमाल बेहतर तरीके से कर पायेंगे। 


इसे भी 👉 पढ़ें:- हमारा व्यक्तित्व


हमेशा सीखते  रहें ।



हम जीवन भर सीखते रहते है और सीखना समय की मांग भी है। जिस प्रकार रूका हुआ पानी दूषित हो जाता है उसी तरह जो व्यक्ति सीखना बंद कर देता है वो उदासीन और ऊर्जा हीन हो जाता है। नई नई चीजें सीखते रहें, हमेशा जवान बने रहें, उर्जावान बनें रहे। जीवन का भरपूर आनंद ले। ख़ुश रहें और खुशियां बांटें। इस जीवन को सुखमय बनाना हमारे हाथ में ही है हर परिस्थिति में अच्छे की उम्मीद रखें। इससे हमारी उर्जा में वृद्धि होगी इसके साथ ही परमात्मा को अपना दोस्त बना लें और अपने प्रत्येक कार्य में शामिल करें फिर देखिए अपने अंदर उर्जा का असीमित संचार होगा। और हमें अहसास होगा कि हम दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और खुशनसीब इंसान हैं।


इसे भी 👉 पढ़ें:- कृतज्ञता


हमें अपने आप को उर्जावान और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए अपने स्तर पर पूरी ईमानदारी से काम करना होगा। केवल तभी हम एक सफल और सुखद जीवन का आनंद ले पाएंगे। 


आपके comments से हमें प्रेरणा मिलती है। अपने दोस्तों और भाइयों को शेयर जरुर करें और ब्लॉग को Follow भी करें।

धन्यवाद 🙏

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ