समय: शक्ति (Time: The Power)

समय:  शक्ति (Time: The Power )






समय विश्व का सबसे महत्वपूर्ण और ताकतवर पहलू है। यह हमेशा गुजरता रहता है, हम चाहे कुछ काम करें या ना करें या फिर सो रहे हो या व्यर्थ बैठे हो यह हर पल गुजरता रहता है, खिसकता रहता हैं। अगर हम खुश है तो जीवन बिल्कुल छोटा लगने लगता है लेकिन अगर हम परेशान है, दुखी है तो ये छोटा सा जीवन भी हमें बहुत लंबा और पीड़ादायक लगता है। समय अपनी रफ़्तार से चलता रहता है। सुख दुःख, कम ज्यादा ये हमारी प्रकृति पर निर्भर करता है। कोई दौलतमंद है तो किसी के पास इतना ही है कि वो केवल दो समय का भोजन ही जुटा पाता है, कोई कम बुद्धिमान है तो कोई ज्यादा, ये सब इस बात पर निर्भर करता है कि हमने समय का सदुपयोग किया है या दुरुपयोग। ईश्वर ने सबको 24 घंटे ही दिए है किसी के साथ कोई अंतर नहीं किया । समय एक शक्ति है इसका उपयोग हम अपने आप को बेहतर बनाने में और समाज के लिए कुछ अच्छा करने में कर सकते हैं। हर क्षेत्र में समय का महत्व सर्वोपरी है। एक छात्र समय का सदुपयोग करके अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा कर सकता है, एक बिजनेसमैन अपने बिजनेस में सफलता प्राप्त करता है। समय देकर हम अपने रिश्तों की खुबसूरती को बढ़ा सकते है। इसलिए हमें हमेशा समय का सम्मान करने की आवश्यकता है। 

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बहाने बनाना 




एक आदत जो हम सब की कमजोरी है बहाने बनाना, ये आदत भी हमारे समय को बर्बाद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। और हम पिछड़ते चले जाते हैं। हमें इस आदत में बदलाव लाने की आवश्यकता है। अक्सर हम सब योजनाएं तो बना लेते है लेकिन उन पर पूरी तरह अमल नहीं कर पाते। इसलिए हमें ‌ये देखना होगा कि हमारे लिए कौन सा काम ज्यादा महत्वपूर्ण है और हमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य पहले पूरे करने होंगे ताकि समय रहते समय का पूरा उपयोग किया जा सके। कोई प्रेरणादायक बुक पढ़कर, किसी जरूरतमंद की मदद करके, पेड़ लगाकर हम अपने समय का सदुपयोग कर सकते हैं। हम सब को समय के महत्व को समझने की आवश्यकता है। हमें हमेशा याद रखना होगा गुजरा वक्त दोबारा नहीं मिल सकता। अगर हमने समय के महत्व को समझा तो समय हमें महत्वपूर्ण बना देगा। इस प्रकार हम समय का सदुपयोग करके अपने आज को कल से बेहतर बना सकते हैं।

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समय की अपेक्षा धन को ज्यादा महत्व देना



हम सोचते है कि समय तो फ्रि में मिला है जितना चाहे ख़राब करो। हम बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। खोई हुई दौलत दुबारा से हासिल की जा सकती है, खोया हुआ स्वास्थ्य भी फिर से मिल सकता है लेकिन गुजरा वक्त दोबारा से मिलना असम्भव है। समय संभावनाओं से भरा हुआ है इसलिए कहा जाता है कि समय से धन कमाया जा सकता है लेकिन धन से गुज़रा वक्त दोबारा वापिस नहीं लाया जा सकता। समय धन से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए समय को सबसे कीमती कहा गया है। लेकिन हमारी समस्या ये है कि हम समय की अपेक्षा धन को ज्यादा महत्व देते हैं। थोड़े पैसों के लिए या फिर व्यर्थ के कार्यों के लिए बहुत समय बर्बाद करने से भी पीछे नहीं हटते। घंटों टीवी और फोन पर बिताना समय बर्बादी का एक बड़ा उदाहरण है। अगर हम समय को व्यर्थ बर्बाद करते है तो हमारी सफलता किसी भी हालत में संभव नहीं है। एक महान व्यक्ति का कथन है कि कानून में उस व्यक्ति के लिए कोई सजा नहीं जो दूसरों का समय चुराता है। बीत गई सो बात गई ये कहावत समय के महत्व को दर्शाती हैं। हमारी कोशिश यही होनी चाहिए कि बीती बातों को भूलकर अपने वर्तमान समय का सदुपयोग करें।


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समय को मैनेज करना

समय को मैनेज नहीं करना है और न ही किया जा सकता है क्योंकि यह हमारे नियंत्रण में नहीं है। हमें खुद को मैनेज करना होगा। अपनी खूबियों को बढ़ावा देना है, अपनी बुरी आदतों को अच्छी आदतों के साथ बदलना है। हमें अपनी असफलताओं, दुर्भाग्य पर अफसोस करना छोड़ना होगा। भगवान का शुक्रिया अदा किजिए की अभी भी हमारे पास समय है आगे बढ़ने का, प्रेम पूर्वक व्यवहार करने का, अपने गिले शिकवे दूर करने का। कबीर दास ने भी बड़े सुंदर शब्दों में कहा है कि आज का काम कल पर न छोड़ें उसे आज ही करें कल का क्या भरोसा आएं न आए। समय हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। समय रहते कार्य कर लेने से किसी प्रकार का पछतावा नहीं रहता। मुश्किल समय में सलाह न देकर थोड़ी ही सही लेकिन सहायता करना ज्यादा बेहतर साबित होता हैं।


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परमात्मा को धन्यवाद



हमें हर दिन का स्वागत पूरे जोश, उत्साह से करना होगा और परम पिता परमेश्वर को धन्यवाद देना होगा क्योंकि हम बहुत खुशकिस्मत है जो आज का दिन हमें नसीब हुआ। बहुत से हमारे साथी, पड़ोसी जो कल तक हमारे साथ थे परंतु वो आज का सुर्योदय नहीं देख सकें। ईश्वर ने हमें अभी तक सुरक्षित रखा है तो हमें भी उनके प्रति आभार व्यक्त करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। और साथ ही उन सबका भी आभारी होना होगा जो मुश्किल समय में हमारी सहायता करते हैं। क्योंकि यही समय है जब हम खुद के प्रति, अपने और अपनों के प्रति सम्मान, धन्यवाद प्रकट कर सकते हैं। ताकि बाद में हमें किसी प्रकार का कोई पछतावा ना रहे। बड़ी तकलीफ़ की बात है कि आज हम  माता पिता के लिए सिर्फ एक ही दिन उत्साहित होते है। हमें अपने माता-पिता के प्रति हमेशा सम्मानपूर्वक होने की आवश्यकता है।


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