समय हाथ से निकल जा रहा है!


समय हाथ से निकल जा रहा है! (The Time Is Running Out!)


समय हाथ से निकल जा रहा है! समय को न तो नियंत्रित किया जा सकता है और ना ही मैनेज। हां, इसका उपयोग किया जा सकता है। अब ये हम पर निर्भर करता है कि हम इसका सदुपयोग करते है या दुरुपयोग। समय तो नदी के पानी की भांति है जिस प्रकार नदी का पानी एक जगह से गुजर गया तो दोबारा उस जगह से कभी नहीं गुजरता। ये कहावत ‌हम सबने सुनी है काल करे सो आज कर आज करे सो अब। ये कहावत हमें समय के महत्व से अवगत ‌कराती है। काम ना करने के सौ बहाने मिल जाएंगे लेकिन काम करने के लिए किसी बहाने की जरूरत नहीं होती। समय हाथ से निकल जा रहा है! हम अपना ज्यादातर समय उन कार्यों में बिताना पसंद करते है जिनसे हमें कोई खास फायदा नहीं मिलता। हमें ऐसे कार्यों से खुद को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है जिनका सफलता, और लक्ष्य प्राप्ति से दूर दूर तक कोई लेना-देना नहीं होता। क्योंकी सफलता बड़ी सहजता से मिलती है लेकिन उनको जो निरंतर अपने लक्ष्य प्राप्ति के संबंध में काम करते रहते है और उसी से संबंधित चिंतन मनन करते रहते हैं। आमतौर पर समय का महत्व इसके बीत जाने के बाद पता चलता है। और समय बीतने पर पश्चाताप करने के अलावा कुछ भी हमारे हाथ नहीं लगता। इसलिए हमें समय के महत्व को समय रहते समझने की आवश्यकता है। समय हाथ से निकल जा रहा है! 

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समय हाथ से निकल जा रहा है! हम हारने और बुरा व्यवहार करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं। हमें अपने व्यवहार और आचरण को निरंतर बेहतर बनाने की कोशिश करनी होगी क्योंकि यही वो शहद है जिसकी तरफ सभी आकर्षित होते हैं। अपनी असफलताओं, निराशाओं और दुर्भाग्य पर अफसोस करके एक क्षण भी गंवाना समझदारी नहीं है। जिस प्रकार सूर्य कभी पश्चिम से नहीं उदय हो सकता, कमान से निकला तीर वापस नहीं लिया जा सकता ठीक उसी तरह बीते हुए समय को भी वापस नहीं लाया जा सकता। तो फिर जो बीत गया उस पर शोक मनाने का क्या फायदा। समय हाथ से निकल जा रहा है! अपनी चिंताओं, निराशाओं और असफलताओं के विषय में बार बार सोचना बंद करना होगा। हमें हमेशा आगे बढ़ने के विषय में सोचना होगा और सुंदर एवं सरल विचारों को अपने व्यवहार में शामिल करना होगा। समय हाथ से निकल जा रहा है! इसमें महत्वपूर्ण है कि हमें ख़ुश रहने के लिए मेहनत नहीं करनी बल्कि अपने आप को इतना व्यस्त रखना होगा कि हमारे पास दुःखी होने के लिए समय ही न रहे हैं। समय हाथ से निकल जा रहा है!

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विशेषज्ञों के बारे में पढ़ें, वो कैसे काम करते


समय हाथ से निकल जा रहा है! समस्याओं को एक अवसर के रूप में देखना होगा। विपरित परिस्थितियों को हर व्यक्ति अपने स्वभाव, प्रकृति के अनुसार ही परिभाषित करता है। वास्तव में समस्याएं बड़ी नहीं होती हम उन्हें बड़ा बना देते हैं। ये तो बहुत मुश्किल काम है, ये काम तो मैं कर ही नहीं पाऊंगा, मुझे इस तरह के काम करने की आदत नहीं है। इस तरह के बहानों से ही एक छोटी सी समस्या भी बड़ी मुश्किल पैदा कर देती हैं। हमें अपने आप विश्वास करना होगा कि समस्याएं हमसे बड़ी नहीं हो सकती। अपनी विचारों को सही दिशा देनी होगी। अपनी असफलताओं को स्वीकार करके अपनी प्रतिभा को ओर ज्यादा बेहतर बनाने की आवश्यकता है। क्योंकी समय हाथ से निकल जा रहा है! जो कुछ भी हम अपने जीवन में करना चाहते है तो उस फिल्ड के मास्टर (विशेषज्ञ) लोगों के बारे में पढ़ें, वो कैसे काम करते है? किस तरह की जीवनशैली को अपनाकर उन्होंने सफलता हासिल की है? उनके सोचने के तरीके को अपनाकर हम भी अपने कार्य क्षेत्र में शिखर तक पहुंच सकते हैं। नियम तो सबके लिए समान है किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं है। ऐसा नहीं है कि अमीरों को जल्दी सफलता मिलती है और गरीबों को देर से। जो कोई भी व्यक्ति निरंतर अभ्यास के साथ साथ मानसिक रूप से भी अपने आप को मजबूत बनाएं रखेगा कामयाबी उसको मिलके ही रहेगी। हमें किसी ने भी नहीं रोक रखा हमारे खुद के अलावा। हम सफल तो होना चाहते है लेकिन मेहनत नहीं करना चाहते। समय हाथ से निकल जा रहा है!

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फैसला हमें खुद ही करना होगा 



समय हाथ से निकल जा रहा है! हर इंसान के पास केवल दो ही विकल्प होते है या तो आराम करके, व्यर्थ की बातों में समय को बर्बाद करके आखिरी समय में पछतावा करें या फ़िर वर्तमान समय का सदुपयोग करके अपने आप को बेहतर बनायें। फैसला हमें खुद ही करना होगा। अब ये हम पर निर्भर करता है कि हम किस विकल्प का चयन करते हैं। और विकल्प का चयन समय रहते करते है या समय बीतने के पश्चात करते हैं।  समय रहते हमें लगता है ये तो छोटा सा काम है फिर कर लेंगे या थोड़ी देर में कर लेंगे। थकने से पहले आराम करना आलस्य का ही एक रूप हैं। रिकार्ड वहीं लोग बना पाते है जो काम में भी रिकॉर्ड बनाते हैं अर्थात सबसे ज्यादा और गुणवत्ता पूर्ण काम करते हैं। समय हाथ से निकल जा रहा है! हमें अपनी क्षमताओं को पहचान कर अपने भाग्य का निर्माण स्वयं ही करना होगा। हमें हिम्मत करनी ही होगी। दूसरों को सम्मान देना सीखना होगा। सफल लोगों से सीख करके खुद को सक्षम बनाने की आवश्यकता है। अपने आप पर भरोसा रखें। प्रत्येक कार्य पाॅज़िटिव एटिट्यूड के साथ करने की आदत विकसित करनी होगी। हमें भी अपने अंदर छिपी अथाह संभावनाओं को बाहर निकालना होगा। खुश रहें और खुशियां बांटें। समय हाथ से निकल जा रहा है!


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क्या हमें अपनी अगली पीढ़ी को समय के महत्व के विषय में बताने की आवश्यकता है?

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