ऋण तो चुकाना ही होगा। (debt must be repaid)

 ऋण तो चुकाना ही होगा। (debt must be repaid)






मिलकर किया गया प्रयास हमेशा सुखद और सुंदर होता है।


ऋण तो चुकाना ही होगा। हम सब इस सुंदर ग्रह पर एक मेहमान हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में हम इस बात को जानते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं। क्या हम सब मिलकर इस सुंदर धरती को और ज्यादा बेहतर बना सकते हैं? क्या हम इस धरती पर ही स्वर्ग को ला सकते हैं? क्या हम किसी जरूरतमंद की मदद करके वो खुशी हासिल कर सकते है जिसको पाने कि लगभग हर व्यक्ति की इच्छा होती हैं? हां हम सब मिलकर ऐसा कर सकते हैं। मिलकर किया गया प्रयास हमेशा सुखद और सुंदर होता है। आज अगर हमने सफलता हासिल की है तो इसके लिए हमारे खुद के अलावा हमारा अच्छा चाहने वाले लोग भी शामिल हैं। हमें उन सबके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की आवश्यकता है। कृतज्ञता व्यक्त करना विशेष गुणों में से एक है। हमें अपने व्यवहार में इस गुण को अपनाने की आवश्यकता है। पेड़ पौधे, नदियां, सागर और पहाड़ों के प्रति आभार व्यक्त करके हम प्रकृति के ऋण को चुकाने का काम करते हैं।  ऋण तो चुकाना ही होगा।

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यकीन मानिए हमारे अंदर कोई कमी नहीं है।






ऋण तो चुकाना ही होगा। हमारे देखते देखते वो लोग भी आगे बढ़ जाते है, तरक्की कर लेते हैं जिनके बारे में हम सोचते थे कि इन लोगों का कुछ नहीं हो सकता। और ऐसे लोग कामयाब हो कर सभी को हैरत में डाल देते हैं। हमें भी दूसरों की चिंता छोड़ अपने लक्ष्यों, महत्वकांक्षाओं को पूरा करने में अपने आप को पूरा झोंक देना होगा। दूसरों पर निर्भर रहना, काबिलियत होते हुए भी प्रयास न करना, आलस्य में समय बर्बाद करना, लक्ष्यहीन जीवन व्यतीत करना जैसे काम हमारी बुनियादी ढांचे को कमजोर बनाने में हमारी मदद करते हैं। हमें अपने आप को पूरा विकसित करने की आवश्यकता है। यकीन मानिए हमारे अंदर कोई कमी नहीं है। इस डर को अपने अंदर से हमेशा के लिए बाहर निकालने की जरूरत है। खुद पर भरोसा करना होगा। केवल तभी हम प्रकृति के ऋण को चुकाने में सक्षम हो सकेंगे। ऋण चाहे बैंक का हो, मां बाप का हो या फिर प्रकृति का हमें चुकाना ही पड़ता है इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है हमारे पास। ऋण तो चुकाना ही होगा।


हमारे अंदर सब मौजूद हैं फिर चिंता किस बात की।


ऋण तो चुकाना ही होगा। हमें अपने विचारों और भावनाओं में बदलाव करना होगा ताकि समय रहते हम अपने अवसरों को पहचान कर अपने अंदर मौजूद संभावनाओं को विकसित कर सकें। हमें अपने पसंद के विषय का चुनाव करना होगा क्योंकि हमारा दिमाग उस समय ज्यादा बेहतर तरीके से काम करता है जब हम अपना पसंदीदा काम करते हैं। हमें अपनी क्षमताओं को पहचान कर सही दिशा में लगातार प्रयास करते रहना होगा। हमारे अंदर सब मौजूद हैं फिर चिंता किस बात की। हजारों उदाहरण है हमारे सामने जिन्होंने धरातल से उठकर शिखर पर पहुंच कर दुनिया को हैरत में डाल दिया है। जीवन बड़ा सुंदर है हमें सरलता से इसे जीने की आवश्यकता है। हम सब जीवों में श्रेष्ठ हैं। हमें अच्छे बुरे की पहचान है इसलिए हम अन्य जीवों से भिन्न हैं। हमारे पास विचार रूपी शक्ति है जो प्रकृति से हमें वरदान स्वरूप मिली है। हमें अपनी इस असाधारण शक्ति का उपयोग करने की आवश्यकता है ताकि हम प्रकृति द्वारा प्रदत्त इन शक्तियों के ऋण को बेहतर ढंग से चुका सकें। ऋण तो चुकाना ही होगा।


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हमेशा अच्छी सोच रखी जा सकती हैं।


ऋण तो चुकाना ही होगा। खुश रह कर हम खुद का भी भला करते है और दूसरों का भी। हर व्यक्ति से अच्छे से अच्छा व्यवहार करने की कोशिश करने की आवश्यकता है। कोई अगर कुछ बोलना चाहता है तो हमें धैर्य पूर्वक उसे सुनकर ही अपनी बात रखनी चाहिए। हमेशा अच्छी सोच रखी जा सकती हैं। बार बार उन बातों को सोचना जो हम चाहते ही नहीं है अच्छी आदत नहीं है। कोशिश यही होनी चाहिए कि हम केवल उन चीजों और बातों के विषय में ही चिंतन मनन करें जो हमें चाहिए होती हैं। खुश रहने के लिए हमें विशेष रूप से कुछ न करना पड़े बल्कि इतना व्यस्त रहें कि हम स्वाभाविक रूप से ख़ुश रहने लगे। हमें अपने मन के भावों का चयन स्वयं ही करना होगा क्योंकि इस विकल्प का चुनाव हमारे अलावा कोई और नहीं कर सकता। नकारात्मक विचारों की अपेक्षा सकारात्मक विचारों का चयन हमेशा लाभकारी रहता हैं। हमें अपने मन में सुखद और सुंदर चीजों को लाना होगा तभी हम अपने विचारों में परिवर्तन कर पाएंगे। विचारों में परिवर्तन से हमारी भावनाएं परिवर्तित होने लगेगी और फिर हमारा स्वभाव बदलने लगेगा। छोटे छोटे प्रयासों के द्वारा हम इन संस्कारों को अपने व्यवहार में शामिल कर सकते हैं। इसके लिए हमें ऐसा ही सोचना होगा और प्रेरणादायक किताबें पढ़ने की भी आवश्यकता है। ऋण तो चुकाना ही होगा।

 

दूसरों की सहायता करके ऋण चुकाया जा सकता है।


हर इंसान में कोई न कोई खूबी जरूर होती हैं इसलिए हमें हमेशा दूसरों का सम्मान करना सीखना होगा। इस आदत से न केवल हमारे जीवन प्रसन्नता और उत्साह भरपूर होता है बल्कि सामने वाले व्यक्ति को भी एक बहुमूल्य संदेश मिलता हैं। और वो भी जरूरत के मुताबिक किसी की सहायता करेगा। इस तरह समाज में एक सकारात्मकता फैल जाती हैं। इन आदतों और विचारों को विकसित करने की आवश्यकता है। आदतें ही हमारे भविष्य का निर्धारण करती हैं। नई नई चीजें सीखने का प्रयास करना, हमेशा दूसरों की मदद करने को तैयार रहना, थोड़ा समय खुद के लिए भी निकालना। इन विशेष गुणों से संपन्न व्यक्ति कभी भी हार जाने पर हतोत्साहित नहीं होता। वो हमेशा अपने काम में लगा रहता है और अंततः सफलता प्राप्त कर ही लेता है। 

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